भिवाड़ी में खराब स्थिति में पहुंचा प्रदूषण का स्तर, धूल फांक रहा अजंता चौक पर लगा स्मॉग टॉवर

भिवाड़ी में ग्रेडेड एक्शन रिस्पांस प्लान (ग्रेप) लागू होने के बावजूद वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है तथा प्रदूषण नियंत्रण के प्रशासन के दावे फेल हो गए हैं। चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण प्रशासन शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 216 तक पहुंच गया जबकि पीएम 2.5 व पीएम 10 का स्तर 236 व 276 दर्ज किया गया। भिवाड़ी में सड़कों के किनारे खुले में बिल्डिंग मटीरियल रखा हुआ है तथा मलबा डालकर डंपिंग यार्ड बना दिया गया है। ग्रेप लागू होने के बावजूद रीको व नगर परिषद मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीन के बजाए सफाईकर्मियों से सड़कों की सफाई करवाई जा रही है। उधर सड़कों से उड़ती धूल व बादल छाए रहने की वजह से शुक्रवार को वायु की गुणवत्ता खराब हो गई तथा वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब स्थिति में पहुंच गया है लेकिन प्रदूषण की स्थिति को कम करने के लिए अजंता चौक पर दो साल पहले लगाया गया स्मॉग टॉवर शोपीस बनकर रह गया है। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल ने इसे बढ़ते प्रदूषण और गंभीर स्थिति से निपटने के लिए एक निजी कंपनी से लगवाया था औऱ यह राजस्थान का पहला स्मॉग टॉवर था लेकिन ट्रायल के दौरान यह उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा और शुरू होने से पहले ही बंद हो गया। भिवाड़ी का अजंता चौक वह इलाका है, जहां वाहनों क सर्वाधिक दबाव रहता है। यहां पर फैक्ट्रियों ने ग्रीन बेल्ट पर हरियाली के बजाय पार्किंग स्टैंड बना दिया है तथा भारी वाहनों का दबाव सबसे ज़्यादा रहता है। इसके बावजूद फैक्ट्रियों के बाहर बने पार्किंग स्टैंड को हटाया नहीं जा रहा है।
कैसे काम करता है स्मॉग टावर
स्मॉग टॉवर एक फिल्टर मशीन की तरह काम करता है. ये टॉवर पानी के प्यूरीफायर की तरह ही हवा को प्यूरीफाई करता है। स्मॉग टॉवर हवा में मौजूद हानिकारक कणों को छानकर अलग कर देता है और साफ हवा को वापस वातावरण में छोड़ देता है। इस तरह से दूषित हवा साफ हो जाती है। स्मॉग टॉवर में फिल्टर के लिए कई परतें होती हैं. ये हीपा फिल्टर तकनीक के आधार पर काम करता है। भारत में स्मॉग टॉवर 24 मीटर की ऊंचाई पर हवा को अवशोषित करता है। स्मॉग टॉवर की मैक्रो और माइक्रो लेयर हवा के बारीक और मोटे कणों को छानती हैं। इसके बाद हवा से दूषित कणों को हटाकर शुद्ध हवा को 10 मीटर की ऊंचाई पर छोड़ा जाता है। एक स्मॉग टॉवर 1 किलोमीटर के दायरे में दूषित हवा को साफ कर सकता है.

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प्रभारी सचिव शिव प्रसाद नकाते ने की भिवाड़ी में जलभराव की समीक्षा, प्रदूषित पानी को खुले में छोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, जिला प्रभारी सचिव ने आगामी मानसून को देखते हुए सीईटीपी एवं ड्रेनेज सिस्टम का किया निरीक्षण