हरियाणा सीमा में रैंप बनाने के साइड इफेक्ट : वर्षा से जलमग्न हुई भिवाड़ी, दुकानों व घरों में भर गया गन्दा पानी

NCRKhabar@Bhiwadi. भिवाड़ी में शनिवार सुबह हुई वर्षा से जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। थोड़ी देर हुई वर्षा के बाद सड़कों पर जलभराव हो गया तथा अलवर बाईपास, भगतसिंह कॉलोनी व पार्श्वनाथ मॉल सहित अन्य स्थानों पर सड़कों पर फैक्ट्रियों का गंदा पानी भरने से वाहन चालकों का निकलना मुश्किल हो गया। भिवाड़ी-सोहना राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई वाहन पानी मे फंस गए। प्रशासन ने अलवर बाईपास पर जलभराव के बाद सीईटीपी के पास जेसीबी से नाले में मिट्टी में डालकर बंद करवा दिया, जिससे आगे पानी नहीं जा सके। भिवाड़ी में वर्षा होने पर 25-26 एमएलडी पानी आता है, जिसमें घरेलू व वर्षा का पानी शामिल है।   सीईटीपी की क्षमता नौ एमएलडी की है लेकिन दुगुनी क्षमता से पानी आ रहा है, जिसे ट्रीट कर खुशखेड़ा भेजा जा रहा है। इसके बावजूद 8-10 एमएलडी  अधिक पानी का समाधान करना प्रशासन के गले की फांस बन रहा है।

भिवाड़ी के अलवर बाईपास पर भरे गंदे पानी से बाईक निकालते लोग।

जिला कलक्टर ने जलभराव की समस्या का निराकरण करने के दिये निर्देश

 खैरथल-तिजारा जिला कलक्टर डॉ ओमप्रकाश बैरवा ने भिवाड़ी पहुंचकर जलभराव से उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया तथा बीड़ा सभागार में अधिकारियों की मीटिंग लेकर समस्या के निराकरण करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने कहा कि फैक्ट्रियों का गन्दा पानी खुले नालों में नहीं छोड़कर सीईटीपी में भेजें। उन्होंने कहा कि भिवाड़ी में जलभराव की समस्या के निराकरण के लिए कार्य योजना बनाई जा रही है तथा हरियाणा में गंदा पानी जाने से रोकने के प्रबंध किए जा रहे हैं। जिला कलक्टर ने रीको अधिकारियों को फैक्ट्रियों के गंदे पानी की समस्या का स्थाई हल करने के निर्देश दिए। भिवाड़ी जल प्रदूषण निवारण एसोसिएशन ( बीजीपीएनए) के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने कहा कि आगामी दस-पन्द्रह दिन में फैक्ट्रियों का पानी क्लोज कण्ड्यूट पाईप लाने के जरिए सीईटीपी तक लाने व ट्रीट कर वापस भेजने का काम शुरू हो जाएगा। इससे फैक्ट्रियों का पानी हरियाणा में जाने की समस्या खत्म हो जाएगी।
सीपीसीबी तक पहुंची एमपीएस में गंदा पानी भरने की समस्या
भिवाड़ी से गंदा पानी धारुहेड़ा में जाने की समस्या का निराकरण नहीं होने पर हरियाणा की तरफ से अलवर बाईपास के पास नेशनल हाइवे पर काफी ऊंचा रैंप बना दिया गया है, जिससे वर्षा के बाद पानी माडर्न पब्लिक स्कूल, अलवर बाईपास, भिवाड़ी-सोहना हाईवे, भगतसिंह कालोनी व आशियाना बगीचा सहित अन्य कालोनियों में भर गया है। माडर्न पब्लिक स्कूल में पानी भरने से यहां अध्ययनरत तीन हजार बच्चों की पढ़ाई पर संकट आ गया है। एमपीएस के प्रिंसिपल पी के साजू ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल (सीपीसीबी) के चेयरमैन को पत्र लिखकर गंदे पानी की समस्या के स्थाई समाधान की मांग की है। सीपीसीबी चेयरमैन को लिखे पत्र में प्रिंसिपल पी के साजू ने अवगत करवाया है कि स्कूल के सामने गंदा पानी भरा रहने से विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों तथा स्कूल स्टाफ को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल परिसर के अंदर व सामने हाईवे पर गंदा पानी भरने से विद्यार्थियों का स्कूल आकर क्लासरूम अटेंड करना मुश्किल हो गया है। साजू ने बताया कि धारुहेड़ा की तरफ़ नेशनल हाईवे पर रैंप बनाने से भिवाड़ी का पानी हरियाणा में जाने के बजाय मॉडर्न स्कूल में भर गया है। प्रिंसिपल पी के साजू ने बताया कि कई बार अधिकारियों को अवगत करवाया गया लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने सीपीसीबी चेयरमैन से इस समस्या का समाधान करवाने की मांग की है।
अलवर बाईपास पर दुकानों में भरा गंदा पानी।
भिवाड़ी में हाईवे पर भरे गंदे पानी में फंसे वाहन।

 

भिवाड़ी में सीईटीपी के पास नाले में मिट्टी डालती जेसीबी।

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प्रभारी सचिव शिव प्रसाद नकाते ने की भिवाड़ी में जलभराव की समीक्षा, प्रदूषित पानी को खुले में छोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, जिला प्रभारी सचिव ने आगामी मानसून को देखते हुए सीईटीपी एवं ड्रेनेज सिस्टम का किया निरीक्षण